अहलेबैत समाचार एजेंसी अबना की रिपोर्ट के अनुसार ख़ुरासान रिज़वी राज्य की तबलीग़ात इस्लामी संस्था के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम हुसैनी ने मशहद में उल्मा के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में इस्लामी जीवन शैली का प्रचार उलमा की प्रमुख जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि पिछले साल ख़ुरासान राज्य में 4 लाख से अधिक उल्मा ने तबलीग़ की है।
उन्होंने कहा समाज में इस्लाम की शिक्षाओं को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक मीडिया और संसाधनों से सहायता ली जा रही है।
उलमा की ज़िम्मेदारियों पर रौशनी डालते हुए उन्होंने कहा कि यूरोपीय सांस्कृतिक हमलों के परिणाम स्वरूप समाज में ऐसी बहुत सी चीजें प्रचलित हो रही हैं जिनका इस्लाम से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं है।
उन्होंने कहा कि उल्मा का कर्तव्य है कि वह अपनी बूमिका निभाते हुए समाज में बढ़ती बेदीनी के हवाले से इस्लामी जीवनशैली को ना केवल बयान करें बल्कि लोगों को इस्लामी जीवन शैली से अवगत कराएं ताकि समाज में इस्लामी शिक्षा के विकास के बाद एक आदर्श समाज वुजूद में आ सके।
हुज्जतुल इस्लाम हुसैनी ने कहा कि इस्लाम जिस जीवन शैली का आदर्श पेश करता है वह पूरी तरह से मानव स्वभाव के अनुसार जबकि गैर इस्लामी शैली मानव प्रकृति का खंडन करती है इसलिए इस्लामी जीवन शैली का प्रचार अत्यंत ज़रूरी है।
9 अप्रैल 2015 - 15:27
समाचार कोड: 682358
ख़ुरासान रिज़वी राज्य की तबलीग़ात इस्लामी संस्था के प्रमुख हुज्जतुल इस्लाम हुसैनी ने मशहद में उल्मा के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि समाज में इस्लामी जीवन शैली का प्रचार उलमा की प्रमुख जिम्मेदारी है।